Friday, 10 July 2020

आयुर्वेद ने भी माना है एलोवेरा को इतना गुणकारी आपके शरीर के लिए रहता है इतना फायदेमंद !

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ग्वारपाठे को आयुर्वेद में बहुत गुणकारी माना गया है और डाइबिटीज के लिए तो ये रामबाण इलाज है। 


इसलिए  आज हम आपको बताते है की गँवारपाठे को किस तरह से डाइबिटीज के रोगी इस्तेमाल करे। 



अगर आपको  डाइबिटीज है तो करेले  का रस दो चम्मच और 10 ग्राम गँवारपाठे का गुदा सुबह खाली पेट सेवन करने से आपको डाइबिटीज की बीमारी में फायदा मिलेगा। 



त्ताज़े आंवले का रस 4 चम्मच और ग्वारपाठे का गुदा को आपसे में मिळाले और सुबह खाली पैट सेवन करे डाइबिटीज से आराम मिलेगा। 



जामुन की गुठली दस ग्राम ,गुड़ दस ग्राम और सोंठ पांच ग्राम इन सब चीजों को बारीक पीसले और इस चूरन को ग्वारपाठे के रस में मिलाकर इस पेस्ट की छोटी छोटी गोलिया बना ले और दिन में दो बार एक गोली का  सेवन करे डाइबिटीज धीरे धीरे अपने आप ख़तम हो जायेगा। 




कच्चे किले को ग्वारपाठे के साथ मिलाकर खाने से भी  डाइबिटीज से मुक्ति मिलती है बेलपत्र के 4 पत्तों को पीसकर ग्वारपाठे के गूदे के साथ सेवन करने से मधुमेह में शीघ्र लाभ होता है।




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Author: verified_user

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